और कितना करोगे नारी को शर्मसार, डूब मरो फेकू सरकार

और कितना करोगे नारी को शर्मसार, डूब मरो फेकू सरकार

17 thoughts on “और कितना करोगे नारी को शर्मसार, डूब मरो फेकू सरकार”

  1. जो आदमी अपनी पत्नी का इज्जत नहीं करते दूसरों की बहू-बेटी का क्या करेगा

  2. घर की दीवारों को तोड बैठा है,
    रिश्ता गैरों से जोड़ बैठा है,
    औरतों से उसे है ख़ास हमदर्दी,
    जो खुद की बीवी को छोड़ बैठा है !!

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