ये जीना है अंगूर का दाना…नए साल पर मेरे टिप्स झूठ राशिफल का नेता झूठ का नया …

ये जीना है अंगूर का दाना…नए साल पर मेरे टिप्स

झूठ राशिफल का नेता झूठ का नया नया कीर्तिमान कायम करेगा। झूठ बड़ा विकल्प बनकर उभरेगा। न्यूज़ चैनलों पर प्रोपेगैंडा और नफ़रत की ख़बरों में तेज़ी आएगी। एंकर स्क्रीन पर आग लगा देगा। यह उसकी स्वामिभक्ति की परीक्षा का साल होगा।

नर्सरी के एडमिशन के लिए मां-बाप वैसे ही मारे मारे फिरेंगे। दिल्ली में या कहीं भी ट्रैफिक जाम की स्थिति वैसी ही रहेगी। हवा का प्रदूषण वैसा ही रहेगा। पराली जले तब भी, न जले तब भी।

एम्स और सफदरजंग अस्पतालों में आपरेशन के लिए वेटिंग लिस्ट लंबी रहेगी। कोई झूठी योजना आएगी, अस्पताल नहीं होंगे मगर बीमा के नाम पर ठगी की जाएगी। राजधानी एक्सप्रेस दस दस घंटे लेट चलती रहेगी। नौकरियां कम होंगी और जिनकी हैं उनकी जा सकती है।

हाउसिंस सोसायटी में सोशल स्टेटस के प्रदर्शन की आखिरी रात है। ख़रीदे गए कपड़ों की घर में प्रदर्शन की बारी है। ख़ासकर ब्लैक साड़ी और ब्लैक कुर्ता। कामयाब मर्द मानेंगे तो नहीं इसलिए वे चेक वाला जैकेट पहन सकते हैं। हालांकि घटिया ही लगेगा मगर फिर भी।

युवा किसी इंग्लिश गाने पर डांस करें। ब्लैक रंग का कुछ पहनें। ठीक से सजना सीखें। न हो तो किसी महिला मित्र से राय ले लें। जीवन में सलीक़ा और तरीक़ा दोनों आ जाएगा। दोनों कनपटी पर बाल करतने का स्टाइल बोरिंग हो चुका है। बाल ही मत रखिए। एक न एक दिन वैसे भी उड़ जाने हैं।

युवतियों के पास सजने के तमाम विकल्प हैं,मगर साजन मिलने के विकल्प पहले से कम होंगे। है ही नहीं ढंग का तो मिलेगा कहां से। बहुत कम हैं इसलिए उनसे आज की रात कोई पक्का वादा मिल जाए तो अच्छा रहेगा।

आई टी सेल वाले प्रेमी से बचें। उनके भीतर भरा ज़हर आपके प्यार को नष्ट कर देगा। कान में ईपी डाले रखने वाले प्रेमी से दूर रहे हैं। सिल्क साड़ी पहन सकती हैं। पेंसिल हिल तो होना ही चाहिए। बिंदास लगिए और संस्कृति का लोड मत लीजिए।

फेसबुक पर बहुत से लोग साल के आख़िरी दिन उसकी समीक्षा करते हुए भावुक हो रहे हैं। दरअसल यह साल की नहीं हम सबके अकेलेपन की समीक्षा है। आप समय के किसी विराट रूप का दर्शन करते हुए महसूस कर रहे हैं। जल्दी ही ट्रैफिक जाम इस विराट समय की लघुता को री-लांच कर देगा।

व्हाट्स अप यूनिवर्सिटी में गुडमार्निंग मेसेज भेजना एक मानसिक रोग बन चुका है। भेजने वाला मनोरोगी बन चुका है। इसलिए वह पहले से ज़्यादा रोता मिलेगा कि कोई उसके मेसेज को देख नहीं रहा है। नए साल की शुभकामनाओं के मेसेज डिलिट करेंगे या फिर सबके जवाब देंगे। दोनों ही स्थिति में आपका नया साल ख़राब होगा।

आप सभी को शुमकामनाएं ज़रूर दें मगर किसी की शुभकामना का जवाब न दें। यह बहुत ज़रूरी है। इससे आपका नए साल पर तनाव कम होगा। पहले दिन यह आदत डाल लेंगे तो 26 जनवरी और होली पर आराम रहेगा। किसी के इनबाक्स में हैप्पी न्यू ईयर ने भेजें।

युवाओं से मेरी अपील है। वे किसी भी पार्टी का झंडा ढो लो मगर आई टी सेल में काम न करें। आई टी सेल नौजवानों को विचारधारा के नाम पर गुंडा बनाने का कारखाना है। वैसे गुंडे जो झूठ और हिंसक शब्दों के ज़रिए राजनीति को तनावग्रस्त कर देते हैं। आप अपनी जवानी आईटी सेल को न दें। उनका काम निकल जाएगा और आपका काम तमाम हो जाएगा।

फेसबुक पर कुछ लोग साल भर पढ़ी गई किताबों की सूची जारी कर रहे हैं। इन लोगों ने साल भर तो नहीं बताया लेकिन आप इनसे सबक लें। आपको ये बीमारी देकर ख़ुद पढ़ रहे थे। अच्छा काम कर रहे थे।

बहुत से युवा फोकट में समय बर्बाद करते हैं। मस्ती ख़ूब कीजिए लेकिन पढ़ने के लिए अतिरिक्त मेहनत कीजिए।

दहेज लेकर शादी कर चुके लोगों को शादी के बाद कम पढ़ते देखा है। ऐसे लोग आपके घरों में खूब हैं। उन्हें प्रेरित करें या उनसे पूछते रहिए कि इस महीने कौन सी किताब पढ़ी, कोई नाटक देखा या कबाड़ न्यूज़ चैनलों को देखकर ही जागरूक होने का भरम पालते रहे।

यह सब सवाल रिटायर हो चुके अपने बुजुर्गों से भी कीजिए। उन्हें भी टोकिए कि पढ़ते क्यों नहीं है। किताबें ख़रीद कर लाइये, किताबें बांटिए।

टीवी कम देखिए। एक ही हिन्दी अखबार मत लीजिए। हर महीने अख़बार बदल दें। कूड़ा हो चुके हैं हिन्दी अख़बार। नेता के झूठ का आचार बन गए हैं।

सपनों का मतलब उनका भव्य होना नहीं होता है। सपनों को सामान्य और सरल बनाइये। ख़ुश रहिए और वही कीजिए जिससे दूसरे ख़ुश रहें।

आप सभी को नया साल मुबारक। आप सभी के छोटे छोटे सपने पूरे होते रहें। किश्तों में ख़ुशियां आती रहें।

हम सभी हर क्षण इतिहास के बनने, बीत जाने और बनने के लिए नए नए ऐतिहासिक क्षणों के आ जाने की दहलीज़ पर सावधान की मुद्रा में खड़े कर दिए गए हैं। विश्राम हो जाइये।

हमारी बेचैनियां लगातार सर्फ कर रही हैं। वो किसी अपने को खोज रही हैं। नए साल में कुछ मत कीजिए। अपने अकेलेपन, अपनी बेचैनियों को साध लीजिए।

नफ़रत मत फैलने दीजिए। मोहब्बत फैला दीजिए। झूठ बोलने वाले नेता से सावधान रहिए बाकि सब आसान होगा। आपका आधा रोग ठीक हो जाएगा।
यह मेरा दावा है।

आपका,

मुश्किल आसान बाबा रवीश कुमार।

25 thoughts on “ये जीना है अंगूर का दाना…नए साल पर मेरे टिप्स झूठ राशिफल का नेता झूठ का नया …”

  1. आप एकमात्र पत्रकार है जिन्हें में सर्च करके पढ़ता हूँ, की कुछ अच्छी जानकारी हासिल होगी और हर बार होती भी है। लगे रहिए सर, आपके चाहने वाले बहुत है। पत्रकारिता संकट के दौर में है, उसमें अपनी जोत जलाए रखना। हम आपके साथ है। चाहते रहेंगे।

  2. जब से आप छुट्टी पे गये हो रवीश जी , TV देखना ही छोड़ दिया ,
    बड़ी निराशा सी छायी है , आसमान पे घने बादलो का पहरा सा लगा हुँआ है !

  3. फिर 2019 में महान secular पार्टी सत्ता में आएगी और गरीब के कुआँ से पेट्रोलियम निकलने लगेगा.
    निष्पक्षता के पैगम्बर पत्रकार साहब राज्य सभा में चार चांद लगाएंगे.
    भारत फिर से सहिष्णु होगा.
    लोग भागते फिरेंगे, सरकार पकड़ पकड़ कर नौकरियां देगी.
    गरीब नेता बाइज्जत बरी होगा, मोदी ने जो प्रोपर्टी जबर्दस्ती उसके नाम की है, संवैधानिक तरीके से गरीब के पोता को समर्पित किया जाएगा.

  4. आप मोदी विरोध कंटीन्यू रखिये इस साल आपके बोनस में बढ़ोतरी होगी

  5. अरे वाह–आप तो भविष्य वकता भी बन गए और उन की दुकानदारी तो बहूत अच्छी चलती है

  6. The bomb hurled… Woman injured with facial burns
    Three rss workers under investigation…
    Lease note: Our PM has his association with the same organisation.
    To which he ows his responsibility.
    To which he submits report card instead of the citizens​ of India.
    For which he never speaks or does if they malign the constitution of india.
    To which he gives his silent support.
    Do you believe he wants india free if casteism and communalism..do you really..?

  7. Hallo sir.happy new near.sir Delhi se Kolkata ja rahi Rajdhani 20 ghanta late chal rahi hai aur hum 31 10 baje pahuchane ke bajay 1January ko pahuchenge.relway ke meharbani se hum log new year train me mana rahe he.pentry balo ne meharbani kar hum log ko dal bhat diya.sayad humlog bullet train ke yug me hai.

  8. सर एक बात बताओ

    जब आपको सब पता हैं कि क्या क्या होने वाला हैं तो आपको इसके सुधार हेतु क्या करना चाहिए ये भी बीते दीजिये न साथ साथ

    ताकि अन्ना जी की तरह कोई आंदोलन ही करके , वर्तमान सरकार को आदेश दे वैसा करने को।

    सर आपने ” अभिनव राजस्थान ” ये नाम सुना हैं क्या ?
    सच बताना ।

    मैं तो समर्थक हु “अभिनव राजस्थान अभियान ” डॉ अशोक चौधरी (IAS) द्वारा परिकल्पित इस अभियान का।

    बहुत से जागरूक एवम पढ़े लिखे युवा इनसे जुड़े हुए हैं जो वास्तव में जनता का शासन चाहते हैं।

    मैं आपके फॉलोवर्स से भी चाहूंगा कि वो लोग जरूर इसे पढ़े।

    ebook available at ” abhinavrajasthan.org “

  9. वाह।। कभी कभी सोचता हूँ negative thinking शब्द बदलकर रविश क्यों नहीं रख दिया जाता।।
    यही सोच कर बैठे रहते बिना दवाब बनाये सरकार पे तो आज भी कांग्रेस सरकार समय जैसे रेलवे टिकट खिड़की पे लातके रहते हर टिकट केक्लीये और बारी आते ही पता लगता टिकट दलाल खा गए।।
    मनरेगा का पैसा आज भी दलालो के हाथ से होकर ही जाता सीधे खाते में न जाकर।
    और भी बहुत कुछ।। आप अपना जात दिखाते रहें नए साल पे भी बाकि अपना👍

  10. Ab tou news anchor’s ne netao ki trha dressing kar li, spoke person jada lagte hai vo bhi bjp ki, jab india ki history mai is time period (2014- jab tak modi rahega) tou india k logo ko apni history par saram aayegi,

  11. Thank you @ndtvindia @ndtv for being there for 2017 ! When the going gets tough , the tough get going ! May this continue in 2018 ! @AunindyoC @Nidhi @PrannoyRoyNDTV @khelmahavir ! To all ! #TrueJournalism ! 😊 Happy new year !

  12. ये जीना है अंगूर का दाना…
    नहीं सुधरनें वाला अपना ये ‘सयाना’।
    हो सके तो अबके कुछ ‘नया’ ले आना,
    बहुत हो गया वही राग पुराना..

    ईचक दाना, बीचक दाना…
    लो जी पूरा हो गया मेरा अब ‘ताना’…

    #SunoGourSe #HappyNewYear2018

  13. नया साल किस लिहाज़ से नया होगा नही मालूम।
    शायद लोग भाषाई तहज़ीब सीख जाएँगे।
    शायद लोग धर्म शब्द का अर्थ समझ जाएँगे।
    शायद प्रकृति को बचाने की निस्वार्थ कोई मुहिम शुरू हो।
    शायद सिमटते जाते पानी के लिए कोई सार्थक और पूरी होने वाली पहल, सरकार करे।
    शायद लोग सहज जीवन शैली का अर्थ समझेंगें।
    मैं जानती हूं ऐसा कुछ नही होगा,गंदी जुबान ताकत वर होने का अहसास कराती रहेगी।
    हम पेड़ काट कर विकास करते रहेंगे।पानी सिर्फ खास जगहों पर उपलब्ध होगा।किसानों को पेड़ की डाल लटकने के लिए, बाकायदा उपलब्ध होगी।

    कहूँ तो,
    हाल चाल ठीक ठाक है,
    कानून होगा, कायदा होगा ,इंसाफ होगा।
    कोई मरे य्य जिये आदमी को खून वून सब माफ होगा।
    अब ऐसा नया साल हर बार ही आता है आप चाहें तो खुश हो लें…

  14. सर मुझे कोई संघी गाली दे तो शायद मै बर्दाश्त कर लूं, लेकिन आपको कोई अपशब्द भी कह देता है, तो मेरा खून खौलने लगता है! नही बर्दाश्त होता है सर कोई आपको कुछ गलत बोले या गाली गलौज करे 😡 So kindly please Block the bastard who abuse you, it’s a request 😑

  15. नए वर्ष का राशि फल …………………छेनू की गांड इस वर्ष भी धुवा फेकती रहेगी ………..छेनू इस्लामी औअर नक्क्सली समाज के कंचे इस वर्ष भी चूसता रहगा जिसके संक्रमण से छेनू के बवासीर से रक्त के प्रवाह की मात्र लगातार बढती रहेगी !

  16. Sir three years ho gye TV ko band kiye jooth ke siva hai kya. Ndtv ka Prime time mobile pr sunta hu to log bolte hai ki ye to ravish ke chakar me pagal ho gya. To yhi bolta hu ha bhai ho gya
    .jooth se to achha hai…………. Happy New Year god bless you and your family.

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