RBI ने किया खुलासा, 99% बंद नोट बैंकों में वापस! नोटबंदी तो फेल हो गई फेकुजी!!! …


RBI ने किया खुलासा, 99% बंद नोट बैंकों में वापस! नोटबंदी तो फेल हो गई फेकुजी!!! #DeMonetisation

25 thoughts on “RBI ने किया खुलासा, 99% बंद नोट बैंकों में वापस! नोटबंदी तो फेल हो गई फेकुजी!!! …”

  1. These RBI people are idiots!
    All this while, the total figure released by the RBI of the demonetised currency was 14.81 lakh crores!!
    Now they are covering it up by releasing a new figure because a lot of counterfeit currency also came into mainstream!!!
    Maths—- 15.28-14.81=0.47 lakh crores!!
    ie, 47 thousand crores of counterfeit also found its way into mainstream!!!
    Wah Wah Modiji!!! Kamaal kar diya aapne!!! Jaali note bhi chala diye!!!!

  2. This man is just like a baba…charms with his words …gets attention (read votes ) and then just plunders ….this time its not an individual who is a victim…but the entire country is a victim….Boliye mitrroon ….sahi hai ya galat !

  3. हमारे प्रिय मोदी जी को हिन्दुतानियो का हाल मालूम है थोड़ा सा लालच दे दो और वो वही करेंगे जैसा में कहूंगा तो मानिए प्रधानमंत्री जी ने अच्छे दिन आने का खयाल दिलाया बुलेट ट्रेन आएगी हर एक के खाते में 15 / 15 लाख आएंगे ना जाने क्या क्या वादे किए और आज गलती प्रधानमंत्री की बता रहे है वो अपनी जगह सही है गलत तो आप है जो इतना लालच रखा ऐसे ही लालची बने रहे तोह कोई भी आपको बेवकूफ बना कर ठग लेगा जैसे आज बाबा जैसे पढ़े लिखे लोगो को चुना लगा देते है सिर्फ उन लोग के लालच के सब्बब

  4. RBI ने किया खुलासा, 99% बंद नोट बैंकों में वापस! नोटबंदी तो फेल हो गई फेकुजी!!! #DeMonetisation

  5. Atmik Singh….. Congrats 50 din ek saal se pehle hi khatam ho gye….. Kya mast bolta h tera hero….. Maja dila diya bhai…. Expression dekh tu…..kya dard h awaaz me….. Great yaar….nice choice……

  6. sara business barbad kar diya sab tax dete hai par jo bachate the wo apni pariwar ki zarurat k liye sabko souk hai ek acchi zindagi jineka acche din bolkar jo tha wo bhi cheen liye. the worst person in d whole world.

  7. Jiss tarha se heroshima nagasaki me aaj tak uss atom bom ka asar aaj tak dikh raha hai
    Waise hi note bandi ka asar bhi desh me aaj tak dikhaai de raha hai…
    Uppar se gst aur bahot so tabaahi ho hi rahi hai ..

  8. Jalana to dur…. besharm accept karle wo hi kafi hai … I feel the andh bhakti and followers of this feku express and gurmeet are the same people who loves fantasy .. to be far away from reality .. one on a state level and other on national level .. i pity the bhakts and the brigade who will buy the yet another lie that the whole debacle was not to confiscate but to change the cash rich economy practices.we are back to where we were before DEMO .. NAMO NAMO pls resign and sell chai coz that’s the only job u can do .

  9. एक चाय वाले में ओर educated आदमी में यही में फर्क होता है ।।
    गरीब होना बुरा नही पर अनपड होना बहुत बुरा है 😎😎😎😎😎

  10. Chl fenku kitna fenkta h ..srm to nhi aati modi saab ..kitna jhuth bologe abhi .rhne do bhut ho gya .apke bs ki bat nhi h india ko chlana ..ap sirf videshi daure kriye ..

  11. Received from friend…
    Forwarded without malice, just to ponder over:

    “DEMONETISATION:

    GDP fell.
    IIP fell.
    Tax collections were stunted.
    Inflation Rose alarmingly.
    Jobs lost.
    Lives lost.
    Working hours were lost.
    Riots unleashed.
    India queued up.
    RBI Lost its autonomy.
    Businesses suffered badly.
    Unorganised economy suffered.
    Under-employment rose dramatically.
    Terrorism rose.
    Naxalism did not stop.
    Goal posts changed so frequently.

    Spent 8000 crores to collect 16000 crores and
    Lost 35000 crores as RBI dividend.
    Spent huge money on printing if new currency.
    Banks suffered for paying 100% attention on exchange & deposit of old notes; resulting to other more important works left ignored, further causing huge losses.

    FM lied.
    RBI fell silent.
    Govt. lied.

    No one knows the purpose,
    the objective.
    No one took responsibility.
    None knows whose decision it was.
    Not one responsible head rolled.

    And we live in a democracy.

    In any other country, this would have been treated as treason, and
    Those responsible jailed for life.”

  12. All of u shameless people just think before you talk , are all of u economists? Always criticise, just think what u have done individually for ur country. Modi ji is not a magician. All bank employees fail whole demonitisation. Sab rishwatkhor. Aapna ghar bharne me Lage ho. Desh ki kisko PADI hai

  13. Ek baat to pakki hai ger kabhi pm ki kursi modiji ko khali karni pade.. ye banda jaberdast actor ban sakta hai.. emotional dialoge.. angry old man wala dialoge.. yaar lagta hai pm banne ke pehle kisi acting class mein first class pass hoke politics join kia hai..

  14. Khud apne girebaan mein jhak lo kisne kitno ka black and white karaya Hai phir bolna notbandi sahi thi ya galat.
    Dhukti rag p koi haath rakhega to wo bura banega n usko har koi mitana chaega

  15. लड़कियो के अनावश्यक नग्नता वाली पोशाक में घूमने पर जो लोग या स्त्रीया ये कहते है की कपडे नहीं सोच बदलो….
    उन लोगो से मेरे कुछ प्रश्न है?

    1)हम सोच क्यों बदले?
    सोच बदलने की नौबत आखिर आ ही क्यों रही है?
    आपने लोगो की सोच का ठेका लिया है क्या?

    2) आप उन लड़कियो की सोच का आकलन क्यों नहीं करते?
    उसने क्या सोचकर ऐसे कपडे पहने की उसके स्तन पीठ जांघे इत्यादि सब दिखाई दे रहा है….

    इन कपड़ो के पीछे उसकी सोच क्या थी?
    एक निर्लज्ज लड़की चाहती है की पूरा पुरुष समाज उसे देखे,वही एक सभ्य लड़की बिलकुल पसंद नहीं करेगी की कोई उस देखे

    3)अगर सोच बदलना ही है तो क्यों न हर बात को लेकर बदली जाए?
    आपको कोई अपनी बीच वाली ऊँगली का इशारा करे तो आप उसे गलत मत मानिए……
    सोच बदलिये..
    वैसे भी ऊँगली में तो कोई बुराई नहीं होती….
    आपको कोई गाली बके तो उसे गाली मत मानिए…
    उसे प्रेम सूचक शब्द समझिये…..

    हत्या ,डकैती, चोरी, बलात्कार, आतंकवाद इत्यादि सबको लेकर सोच बदली जाये…सिर्फ नग्नता को लेकर ही क्यों?

    4) कुछ लड़किया कहती है कि हम क्या पहनेगे ये हम तय करेंगे….
    पुरुष नहीं…..
    जी बहुत अच्छी बात है…..
    आप ही तय करे….
    लेकिन हम पुरुष भी किस लड़की का सम्मान/मदद करेंगे ये भी हम तय करेंगे, स्त्रीया नहीं….
    और हम किसी का सम्मान नहीं करेंगे इसका अर्थ ये नहीं कि हम उसका अपमान करेंगे

    5)फिर कुछ विवेकहीन लड़किया कहती है कि हमें आज़ादी है अपनी ज़िन्दगी जीने की…..
    जी बिल्कुल आज़ादी है,ऐसी आज़ादी सबको मिले, व्यक्ति को चरस गंजा ड्रग्स ब्राउन शुगर लेने की आज़ादी हो,गाय भैंस का मांस खाने की आज़ादी हो,वैश्यालय खोलने की आज़ादी हो,पोर्न फ़िल्म बनाने की आज़ादी हो… हर तरफ से व्यक्ति को आज़ादी हो।

    6) फिर कुछ नास्तिक स्त्रीया कुतर्क देती है की जब नग्न काली की पूजा भारत में होती है तो फिर हम औरतो से क्या समस्या है?

    पहली बात ये की काली से तुलना ही गलत है।।
    और उस माँ काली का साक्षात्कार जिसने भी किया उसने उसे लाल साडी में ही देखा….माँ काली तो शराब भी पीती है….

    तो क्या तुम बेवड़ी लड़कियो की हम पूजा करे?
    काली तो दुखो का नाश करती है….
    तुम लड़किया तो समाज में समस्या जन्म देती हो……
    और काली से ही तुलना क्यों?
    सीता पारवती से क्यों नहीं?
    क्यों न हम पुरुष भी काल भैरव से तुलना करे जो रोज कई लीटर शराब पी जाते है?
    शनिदेव से तुलना करे जिन्होंने अपनी सौतेली माँ की टांग तोड़ दी थी।

    7)लड़को को संस्कारो का पाठ पढ़ाने वाला कुंठित स्त्री समुदाय क्या इस बात का उत्तर देगा की क्या भारतीय परम्परा में ये बात शोभा देती है की एक लड़की अपने भाई या पिता के आगे अपने निजी अंगो का प्रदर्शन बेशर्मी से करे?
    क्या ये लड़किया पुरुषो को भाई/पिता की नज़र से देखती है ?
    जब ये खुद पुरुषो को भाई/पिता की नज़र से नहीं देखती तो फिर खुद किस अधिकार से ये कहती है की “हमें माँ/बहन की नज़र से देखो”

    कौन सी माँ बहन अपने भाई बेटे के आगे नंगी होती है?
    भारत में तो ऐसा कभी नहीं होता था….

    सत्य ये है कीअश्लीलता को किसी भी दृष्टिकोण से सही नहीं ठहराया जा सकता। ये कम उम्र के बच्चों को यौन अपराधो की तरफ ले जाने वाली एक नशे की दूकान है।।
    और इसका उत्पादन स्त्री समुदाय करता है।
    मष्तिष्क विज्ञान के अनुसार 4 तरह के नशो में एक नशा अश्लीलता(सेक्स) भी है।

    चाणक्य ने चाणक्य सूत्र में सेक्स को सबसे बड़ा नशा और बीमारी बताया है।

    अगर ये नग्नता आधुनिकता का प्रतीक है तो फिर पूरा नग्न होकर स्त्रीया अत्याधुनिकता का परिचय क्यों नहीं देती?
    गली गली और हर मोहल्ले में जिस तरह शराब की दुकान खोल देने पर बच्चों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है उसी तरह अश्लीलता समाज में यौन अपराधो को जन्म देती है।(Asap ki kyaa Ray h)

  16. Is vedio mein 50 din mang raha hai aur ek pm ko 50 din bahut hai systematic tarike se desh ki janta ki maa bahen karne ki kuch modi pehlaro ke siva kyuki unhe kuch bhi bolo chahe yeh bhi bata do ki pm ne tumhara ghar jalaya toh saale bhakt kahege desh hit mein hai yeh kyu bhul jaate hai neta karamchari hai hamara hukum sunne baithe hai bus jindabaad desh aur janta ki netao pm ya cm ki karna band karo

  17. जब इतिहास लिखा जाएगा तो ये भी लिखना होगा कि 21 वीं सदी में जब… कोरिया, अमेरिका जैसे मुल्क हाईड्रोजन बमों का परिक्षण कर रहे थे… जापान, फ्रांस, अास्ट्रलिया जैसे देश तकनीक की दुनिया में सुपर पावर बन रहे थे… चीन हर साल अपने नागरिकों को 1.25 करोड़ नौकरियाँ दे रहा था…
    तब भारत की सरकार, गुलाम मीडिया, और कुछ फ़र्ज़ी संगठन भारतीय नागरिकों को गाय, गोबर, गोमुत्र, मंदिर, मस्जिद, तलाक़, लव जिहाद, गो हत्या, नोट बंदी, GST, योगा ओर वन्दे मातरम, भारत माता की जय आदि में उलझाकर सत्ता का लुत्फ़ उठा रहे थे ।

  18. Note Bandi ke karyanvyan….evam…PRAchar par jo kharcha hua bada maza aaya ..bade logon ke Ajeeb chochle hote hain unko lutaane me Anand aata hai aur media Ko lootne me

  19. फालतु में मोदी साहेब के पीछे पडे रहेते है सब
    कौन कहेता है मोदी ने 3 साल में कोइ काम नहीं किया ?
    ये रही लिस्ट… मोदी विरोधियों के मुंह पे दे मारना…*
    .
    1. बड़े उद्योगपतियों का लोन माफ़ किया और आम आदमी पर * टैक्स बढ़ाया मतलब गाय का दूध निकाल के कुत्ते को * पिलाने जैसा काम किया !
    2. नोटबंदी करके अमीरो का कालाधन सफेद किया और * सैकडो गरीबो की लाशें बिछा दी।
    3. फौजी जवानो को घटीया खाना खिला, देश के पैसे भर्ष्ट * अफसरों को।
    .
    4. अडानी, अम्बानी को ठेके दिलाये।
    5. लोकशाही का खुन किया।
    6. पत्रकारीता को शर्मिंदा किया।
    .
    7. नोटबन्दी की और जनता का तमाशा बनाया।
    8. ललित मोदी को बचाया।
    9. पेट्रोल के भाव कम हो सकते थे लेकिन होने नहीं दिऐ
    .
    10.फेसबुक पर विरोधी कमेन्ट लिखने वालों को जेल भेजा।
    11. कश्मीर मे पाकिस्तानी झंडे लहरवाये, राज्य व केंद्र में * सरकार रहते हालात बद से बदतर होने दिए।
    12. दिल्ली सरकार को अच्छे काम करने से रोका।
    .
    13. महंगे पंडाल लगाने वालों को काम मिला।
    14. गुजरात और MP के मुख्यमंत्रियों को 100 करोड़ के
    * विमान दिलवाए।
    15. काला धन वालों के नाम छुपाकर उन्हे बदनाम होने से
    * बचाया।
    .
    16. नकली डिग्री वालों को सम्मान दिया।
    17. रिलायंस को सरकारी सुरक्षा ठेके दिलवाए।
    18. बिजली के रेट बढ़ाने मे बिजली कंपनियो की मदद की।
    .
    19. लोगो को गैस सबसिडी छोड़ने को कहा।
    20. ACB के पावर कम किये।
    21. रुपये की कीमत गिराई।
    .
    22. शिक्षा का बजट कम कर हजारो करोड़ बचाए और बचाए * गए पैसों से मीडिया खरीदा।
    23. अडानी को बिना ब्याज कर्ज़ दिया।
    24. गौ मास पर सब्सिडी बढ़ाई।
    .
    25. कहा स्किल इंडिया और बनाया स्केम इंडिया।
    26. चुनावो मे अरबों रुपये खर्च किये।
    27. पीडीपी से सत्ता की भागबटाई की।
    .
    28. नावज शरीफ का केक खाया और पठानकोट हमले की
    * पाकिस्तान से जाँच करवाई।
    29. स्वच्छ भारत का नारा देकर ईमानदार अफसरो का सफाया * किया।
    30. शरद पवार के फार्म हाउस मे रात बिताई और पद्म
    * विभूषण दिलाया।
    .
    31. लोगो को थूक चाटने की कला दिखाई…!!!
    32. मनमोहन सिंह जी की सरकार के द्वारा किये गए कामों के * रिबन काटे और सेल्फी लेकर वाह-वाही लूटी
    33. मीडिया और चुनाव आयोग मुठी में कर EVM के सहारे
    * सत्ता हासिल की।
    .
    3 साल में इतने सारे बडे बडे काम करने के लीये 56 इंच
    का सीना चाहिए !!*
    *कौन कहता है मोदी ने कोइ काम नहीं किया

  20. Respected PM Modi ji…we honour your decision of memorization as step to fight against corruption and unfortunately it is your big failure in achieving your objectives if it was against corruption because you couldn’t trapped not a single corrupt leader other than Lalu and family…but they were already exposed..what is about 1000 others baster neta of all parties(BJP, Cong. SP and all others), businessman , bureaucrats..you donr know that most of MLA and govt.officers take their cuts from development funds…i was shocked when i heard that MLA takes about 30-40 cut besides officers from the funds come for development of villages….then i start hating with politicians and bureaucrats…

  21. Govt. employee ki retirement 60 yrs se 50 karne ka soch rahe the neta log kyuki 50 k Baad output jyada nahi de paate employees. To fir 67 saal k budhe Desh kya chalayenge.
    Jo bhakti dikhaya karte hain jinke paas koi kaam nahi hai, un yuwa Ko election ladkar Desh ki sewa karni chahiye.
    Budho Ko hatao yuwa Ko laao.

  22. जब 50 लाख नए रोजगार पैदा करने की जगह हर साल 2 लाख नौकरियाँ खत्म होने की नौबत आ जाये तो जोर जोर से भारत माता की जय,भारत माता की जय चिल्लाना शुरू करें। जनता खुश हो जाएगी और लोगों को एक नया रोजगार मिल जायेगा।
    2.जब 350 करोड़ विदेशी दौरों में खर्च करने के बाद,पैसे देकर मोदी-मोदी चिल्लाने के बाद भी, तीन साल में एक बड़ा विदेशी निवेशक भारत आने को तैयार न हो तो प्रेमी जोड़ों को पकड़कर कूटने लगिये।जनता को लगेगा कि कम से कम सरकार भारतीय संस्कृति को तो बचा रही है।
    3.जब आयात घटने लगे,पुराने मित्र देश दुश्मन देश से करीबी बढ़ाने लगें,पर्यटन चौपट होने लगे,विदेशों में भारत की तुलना सूडान और नाइजीरिया से की जाने लगे तो तीन तलाक पर बहस शुरू कर दीजिए।लोगों को लगेगा कि सरकार मुस्लिमों को तो सीधा कर ही देगी,भले और कुछ करे या न करे।
    4.जब सरकारी रिपोर्ट कहने लगे कि भ्रष्टाचार 67 फीसदी बढ़ गया तो गाय लेकर जाने वालों को जान से मारना शुरू कर दीजिए।सब समझेंगें ये लोग कम से कम गौ सेवा तो कर ही रहे हैं।
    5.जब सैकड़ों करोड़ खर्च करने के बाद भी नदियाँ ज्यों की त्यों रहें तो उनकी परिक्रमा और आरती का आडम्बर शुरू कर दीजिए,लाखों लोगों को उद्गम स्थल पर बुलाकर भाषणबाजी करिये।लोगों को लगेगा कि आप सच्चे नर्मदा पुत्र और गंगा पुत्र हो।
    परिणाम-अब जब ये सब बातें एक पत्रकार करेगा तो उसके पीछे चमचा ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन छोड़ दिया जाएगा।
    खामोश,अघोषित आपातकाल का दौर है यह…
    आज इतना नुक़सान और मेहंगाई होने के बाद भी अगर लोग मोदी को चाहते हैं तो इसके तीन कारन जो मुझे दिख ते हैं

    पेहला .. कुछ लोग बिके हुए हैं जो मोदी के गुण गान करने के बदले मे पैसा , ओहदा पाते जय.
    दुसरा … अंधे भगत हैं जो सोचते नही कोई तर्क समझते नही .
    तीसरे …. जो अपने आप को मीठाई समझ ते हैं की हमे मुसलमान , इसाई , या बोधिष्ट या कोई और खा लेगा देश मे मुसलमानो का राज हो जायेगा .इनं मुशकिलो से सिर्फ मोदी ही बचा सकता हैं .
    अगर ऊपर लिखे कारनो मे एक भी कारन कोई सोचता हैं तो बो खुद देश और समाज के ऊपर बोझ हैं .

  23. जब इतिहास लिखा जाएगा तो ये भी लिखना होगा कि 21 वीं सदी में जब… कोरिया, अमेरिका जैसे मुल्क हाईड्रोजन बमों का परिक्षण कर रहे थे… जापान, फ्रांस, अास्ट्रलिया जैसे देश तकनीक की दुनिया में सुपर पावर बन रहे थे… चीन हर साल अपने नागरिकों को 1.25 करोड़ नौकरियाँ दे रहा था…
    तब भारत की सरकार, गुलाम मीडिया, और कुछ फ़र्ज़ी संगठन भारतीय नागरिकों को गाय, गोबर, गोमुत्र, मंदिर, मस्जिद, तलाक़, लव जिहाद, गो हत्या, नोट बंदी, GST, योगा ओर वन्दे मातरम, भारत माता की जय आदि में उलझाकर सत्ता का लुत्फ़ उठा रहे थे ।

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