मुंबई में 78 रुपये प्रति लीटर, भोपाल में 75 रुपये प्रति लीटर और दिल्ली में 69 रु…

मुंबई में 78 रुपये प्रति लीटर, भोपाल में 75 रुपये प्रति लीटर और दिल्ली में 69 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल मिलने के बाद भी कितनी शांति है। एक समय में 65 रुपये प्रति लीटर पर विपक्ष और लोग सड़क पर उतर आते थे। तर्क दिए जाते थे कि पेट्रोल का दाम बढ़ता है तो बाकी चीज़ों के दाम बढ़ जाते हैं। अब क्या पेट्रोल के दाम बढ़ने पर चीज़ें सस्ती हो जाती हैं?

फिर इंडियन एक्सप्रेस की इस ख़बर को हम किस नज़र से देखें। दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन ने बताया है कि मई से जून की तुलना में यात्रियों की संख्या में 8 लाख 20 हज़ार की कमी आ गई। मई में 32 किमी की दूरी के लिए किराया 27 रुपये से बढ़ाकर मात्र 40 रुपये कर दिया गया। आठ लाख लोग 13 रुपये की वृद्धि नहीं झेल पाए? फिर वो तेरह रुपये बचाने के लिए कैसे सफ़र कर रहे हैं?

28 अगस्त के फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने पेट्रोल की कीमतों का संक्षिप्त विश्लेषण छापा है। पिछले नौ साल में अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में प्रति बैरल कच्चे तेल की कीमतों में 63 फीसदी की कमी आई है। इस दौरान मुंबई में खुदरा पेट्रोल की कीमत में 43 फीसदी की वृद्धि हुई है।

जून 2008 में अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत थी 132.42 डॉलर प्रति बैरल। जून 2017 में 46.56 डॉलर प्रति बैरल है।

16 जून से पेट्रोल और डीज़ल की कीमत अब रोज़ तय होती हैं। इस नई व्यवस्था के तहत शुरू के दो हफ्ते तक दाम कम हुए तो लोगों को लगा कि बेहतर सिस्टम है। 28 जून तक दाम में 3.45 रुपये प्रति लीटर की गिरावट आई थी।

28 जून से जब पेट्रोल के दाम बढ़ने लगे तो यह सिलसिला थम नहीं रहा है। दिल्ली में इस समय पेट्रोल 69.09 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। दो महीने में पेट्रोल के दाम 5.63 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बढ़ चुके हैं।

मुंबई में जून 2008 में पेट्रोल 55.04 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था, जून 2017 में 78.44 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। नोएडा में 71.55 रुपये प्रति लीटर और ग़ाज़ियाबाद में 71.44 रुपये प्रति लीटर तेल मिल रहा है। एक देश एक एक दाम का भी नारा तेल के मामले में चल जाता तो…..मने कह रहे हैं। गुस्सा मत कीजिए, जनता खुशी खुशी दे रही है। अभी और दाम बढ़ाते चलिए।

23 thoughts on “मुंबई में 78 रुपये प्रति लीटर, भोपाल में 75 रुपये प्रति लीटर और दिल्ली में 69 रु…”

  1. Pata nhi modi bhakto ko sachhai kab dikhegi…Hame to yee lag raha yadi modi logo ko jahar bhi pine bol de to unke bhakt siv ji ka prasad samaghkar pi lenge…
    Mahangayi …. Berojgari sab badh gayi par bhakt bolenge…Sab DIGITAL INDIA KA kamaal h bhaiya

  2. Bhakt ban ne k baaad hum.
    Sawaal karne ka huk kho dete hai.

    Aur agar galat bhi ho rha hota hai.
    Tab bhi hum usko jaankar bhi Anjaan bane Rahna pasand karte hai.

  3. मुंबई में 78 रुपये प्रति लीटर, भोपाल में 75 रुपये प्रति लीटर और दिल्ली में 69 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल मिलने के बाद भी कितनी शांति है। एक समय में 65 रुपये प्रति लीटर पर विपक्ष और लोग सड़क पर उतर आते थे। तर्क दिए जाते थे कि पेट्रोल का दाम बढ़ता है तो बाकी चीज़ों के दाम बढ़ जाते हैं। अब क्या पेट्रोल के दाम बढ़ने पर चीज़ें सस्ती हो जाती हैं?

    फिर इंडियन एक्सप्रेस की इस ख़बर को हम किस नज़र से देखें। दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन ने बताया है कि मई से जून की तुलना में यात्रियों की संख्या में 8 लाख 20 हज़ार की कमी आ गई। मई में 32 किमी की दूरी के लिए किराया 27 रुपये से बढ़ाकर मात्र 40 रुपये कर दिया गया। सिर्फ आठ लाख लोग 13 रुपये की वृद्धि नहीं झेल पाए?

    28 अगस्त के फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने पेट्रोल की कीमतों का संक्षिप्त विश्लेषण छापा है। पिछले नौ साल में अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में प्रति बैरल कच्चे तेल की कीमतों में 63 फीसदी की कमी आई है। इस दौरान मुंबई में खुदरा पेट्रोल की कीमत में 43 फीसदी की वृद्धि हुई है।

    जून 2008 में अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत थी 132.42 डॉलर प्रति बैरल। जून 2017 में 46.56 डॉलर प्रति बैरल है।

    16 जून से पेट्रोल और डीज़ल की कीमत अब रोज़ तय होती हैं। इस नई व्यवस्था के तहत शुरू के दो हफ्ते तक दाम कम हुए तो लोगों को लगा कि बेहतर सिस्टम है। 28 जून तक दाम में 3.45 रुपये प्रति लीटर की गिरावट आई थी।

    28 जून से जब पेट्रोल के दाम बढ़ने लगे तो यह सिलसिला थम नहीं रहा है। दिल्ली में इस समय पेट्रोल 69.09 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। दो महीने में पेट्रोल के दाम 5.63 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बढ़ चुके हैं।

    मुंबई में जून 2008 में पेट्रोल 55.04 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था, जून 2017 में 78.44 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। नोएडा में 71.55 रुपये प्रति लीटर और ग़ाज़ियाबाद में 71.44 रुपये प्रति लीटर तेल मिल रहा है। एक देश एक एक दाम का भी नारा तेल के मामले में चल जाता तो…..मने कह रहे हैं। गुस्सा मत कीजिए, जनता खुशी खुशी दे रही है। अभी और दाम बढ़ाते चलिए।

  4. Yhi toh hai achhe din.
    Bhai kash ke mat bolo humara Desh so rha.
    Isko na toh bachho ki maut ka khauf na toh mehngai bas kauf itna hai ki khi baba Ko kuch na ho jaye.
    Kuch log toh Modi guard bn Gye hai jaisa lgta hai Modi ji ne inko apni Suraksha pe lga rkha hai.
    😂😂😂😂

  5. Sir we need your help.. BPSC 15 months me Mains ka RESULT or 7 months me PT ka RESULT ni diya..hai.. isske liye.. hum log 1 September Ko Bihar Niwas..Delhi..me Aandolan krenge.. please news cover kijye..sir.. AAP agar iss 1 September Ko 11 Am se 12pm ke bich kisi reporter se cover kariye sir.. please

  6. Koi baba logo ki ashtha se khelta h to wahi bade neta public emotions k sath khelkar khub munafa kama rahe ….
    Difference kuch nahi h waha bhi andh bhakt they or yaha bhi

  7. Students ka khyal nahi aaya DMRC ko kiraya badhate samay. Sarasar lut hai. Petrol ke alawa agar dekha jaye to lagbhag har ek chiz ke daam badhe hai. Unpar koi ho halla hungama nahi hoga. Vipaksh bhi na jane kis shubh muhurat ka intezar kar raha hai. Aur TV channels is par bahes kar rahe hai ki koi Vande matram kyu nahi bolta. Waah re New India.

  8. देश के विकास में खुशी खुशी अपना योगदान दें , मोदी जी ने सोंचा है तो कुछ अच्छा ही सोंचा होगा ! बस कुछ दिन की दिक्कत है लेकिन फ्यूचर के लिये बहुत अच्छा होगा !
    #masterstorke #what_a_move
    एक्कै दिल है सरीर में मोदी जी , केतना बार जीतियेगा 😄😹

  9. Sbko sab pta hai…bs haar chuke hai aur jhel rhe hai. Bs vjh smjh nhi aati .kyu. gussa tb aata h jb burai krne ki bjaaye taarife krte hai..amir log hai.itne se frk nhi pdta.aur jinhe frk pdta hai.uski sunta kon hai.

  10. मेरे भी कुछ शेर हैं गौर कीजियेगा

    अरे वो कहां है जो सच बोलता था
    उसे आज फिर देखना चाहता हूं

    दूसरा शेर

    जिन्हें मिलती नहीं हैं गर्मीयां वादों की गर्मी से
    उन्हे अच्छे दिनो की सर्दियां अच्छी नहीं लगती

    शेर

    सबके खाते में आयेगा
    किसने काला धन देखा है
    आधे से ज्यादा हैं खाली
    क्या तुमने जन धन देखा है

    एक और

    किसानो की फसलों की कीमत दिला दो
    इन्हे आप मत अब सगूफा नया दो
    पुराने दिनो को भले कोस लेना
    मगर अच्छे दिन का कोई तो पता दो

    एक और

    अजीब दुनिया है जिस में इन्सा
    कभी खुदा से मिला नहीं है
    शहर जलाया है जिसकी खातिर
    वो आदमी है खुदा नहीं है

    राजीव कुमार

    राजीव कुमार

  11. सर अगर अपने भाई पर (जिनके खिलाफ यौन शोषण के आरोप लग चुके है ) पर भी खबर चला देते तो हमे बड़ी खुशी होती ।

    सर अगर आप और आपका चैनल उड़ी हमले पर सेना के अहम ठिकानों की जानकारी ना देते तो बड़ी खुशी होती ।

    हो सकता था तब आप आदर्श की तरह होते पर इन घटनाओं से ये साबित हो गया कि आप भी ज़ी न्यूज़ और सुदर्शन न्यूज़ ,इंडिया न्यूज वालो से कम नही है और गोदी मीडिया का हिस्सा आप खुद भी है
    भले ही मोदी ने सही कोई और ही सही
    पर गोदी में तो आप भी जमकर खेल रहे है ।

    बाकी आप लगे रहिए सिर्फ मोदी सरकार की नकरात्मकता ढूंढने में
    स्क्रीन को काली करने के अलावा
    ये काम ही आप ढंग का कर सकते है ।

  12. Sir, ye sb toh saajish hai lawfully logon ko lutney ki, iss capitalist government ki. Jo desh ke gareebon ka khun nicchodkar corparators ki tanki mein bhar rhi hai, taaki baad mein party fund mein accha donation mil ske!!

  13. Vipaksh apna kaaam strong tariqe se nahi kar rahe hei jaise BJP wale karte the……….petrol or daal sabji kuch bi mahna hota tha BJP gajar mooli gale me taang kar virodh karte the par aaj vipaksh silent ho jata hei pata nahi kyon

  14. Yahi to masterstroke h modiji ka..petrol mahnga hoga to log vehicle ka use kam krnge jisse pollution bhi kam hoga …par tum deshdrohiyo ko ye baat samjh kaha aygi😂😂😂😂😂..aisa chutyapa wala fact de k koi modibhakt ise debate kr skta h

  15. Ravish Kumar je AAP k paas aur koi kaam nai hai pm k against bolne k bhi des me bahut kuch aur bhi ho Raha hai Apne bhi Pappu ki news dikho jo Abhi videsh k me chutti mana rahe

  16. सूचनाओं का कोलाज बनाना तो पत्रकारिता नहीं कहलाती रवीश ? हो सकता है कि मेँ गलत हूँ। लेकिन इस कोलाज की अंतरदृष्टि समझ पाने में खुद को असमर्थ पा रहा हूँ। कृपया सहयोग करें।
    सड़क पर हंगामा नहीं ? कहना क्या चाहते हैं ?
    क्या विपक्ष के साथ जन विश्वास नहीं खड़ा ?
    या विपक्ष या व्यवस्था संशोधन की शक्तियों के पास कोई दृष्टि नहीं रही ?
    अकाल किस बात का ?
    फ़िलहाल यह पोस्ट तथ्यों का कोलाज भर है, जिसमें आकृति सिर्फ पोस्टकर्ता यानी आप तलाश पा रहे हैं।

  17. Modi goverment congress se behtar h koi doubt nai h..
    Record dekh lo gdp le lo ..per capital income..inflation rate..kuch bhi le lo..
    Bs rupees rate pe manmohan se piche h..
    Aap jaise congress ke broker ji jarurat nai kknowledge ke liye…

    Thanks and regards..

  18. रविश जी आपके अंदर के काबिलियत बता रही है..जल्द आप भी डेरा प्रमुख बनने वाले है..सच्चा कांग्रेस डेरा का..:)

  19. Ravish sir .. aap bahut acche jounalist hai …your reports are really very good …
    Targeting particular party is not the solution.. kyuki aur jo party hai wo usbhi worst hai… supporting. Lalu , bsp means just same government with different name …we should do something for the long run ..may it will take time but at least we will support the genuine

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